St-Takla.org  >   pub_Bible-Interpretations  >   Holy-Bible-Tafsir-01-Old-Testament  >   Father-Antonious-Fekry  >   21-Sefr-El-Mazameer
 

شرح الكتاب المقدس - العهد القديم - القمص أنطونيوس فكري

مزمور 119 (118 في الأجبية) - قطعة س - تفسير سفر المزامير

 

* تأملات في كتاب المزامير لـ داؤود (مزامير داود):
تفسير سفر مزمور: فهرس المزامير بالرقم | فهرس المزامير حسب الأجبية | مقدمة للبابا شنودة | مقدمة سفر المزامير | مزامير الأجبية | مزمور 1 | مزمور 2 | مزمور 3 | مزمور 4 | مزمور 5 | مزمور 6 | مزمور 7 | مزمور 8 | مزمور 9 | مزمور 10 | مزمور 11 | مزمور 12 | مزمور 13 | مزمور 14 | مزمور 15 | مزمور 16 | مزمور 17 | مزمور 18 | مزمور 19 | مزمور 20 | مزمور 21 | مزمور 22 | مزمور 23 | مزمور 24 | مزمور 25 | مزمور 26 | مزمور 27 | مزمور 28 | مزمور 29 | مزمور 30 | مزمور 31 | مزمور 32 | مزمور 33 | مزمور 34 | مزمور 35 | مزمور 36 | مزمور 37 | مزمور 38 | مزمور 39 | مزمور 40 | مزمور 41 | مزمور 42 | مزمور 43 | مزمور 44 | مزمور 45 | مزمور 46 | مزمور 47 | مزمور 48 | مزمور 49 | مزمور 50 | مزمور 51 | مزمور 52 | مزمور 53 | مزمور 54 | مزمور 55 | مزمور 56 | مزمور 57 | مزمور 58 | مزمور 59 | مزمور 60 | مزمور 61 | مزمور 62 | مزمور 63 | مزمور 64 | مزمور 65 | مزمور 66 | مزمور 67 | مزمور 68 | مزمور 69 | مزمور 70 | مزمور 71 | مزمور 72 | مزمور 73 | مزمور 74 | مزمور 75 | مزمور 76 | مزمور 77 | مزمور 78 | مزمور 79 | مزمور 80 | مزمور 81 | مزمور 82 | مزمور 83 | مزمور 84 | مزمور 85 | مزمور 86 | مزمور 87 | مزمور 88 | مزمور 89 | مزمور 90 | مزمور 91 | مزمور 92 | مزمور 93 | مزمور 94 | مزمور 95 | مزمور 96 | مزمور 97 | مزمور 98 | مزمور 99 | مزمور 100 | مزمور 101 | مزمور 102 | مزمور 103 | مزمور 104 | مزمور 105 | مزمور 106 | مزمور 107 | مزمور 108 | مزمور 109 | مزمور 110 | مزمور 111 | مزمور 112 | مزمور 113 | مزمور 114 | مزمور 115 | مزمور 116 | مزمور 117 | مزمور 118 | مزمور 119 (قطعة: أ - ب - ج - د - هـ - و - ز - ح - ط - ي - ك - ل - م - ن - س - ع - ف - ص - ق - ر - ش - ت) | مزمور 120 | مزمور 121 | مزمور 122 | مزمور 123 | مزمور 124 | مزمور 125 | مزمور 126 | مزمور 127 | مزمور 128 | مزمور 129 | مزمور 130 | مزمور 131 | مزمور 132 | مزمور 133 | مزمور 134 | مزمور 135 | مزمور 136 | مزمور 137 | مزمور 138 | مزمور 139 | مزمور 140 | مزمور 141 | مزمور 142 | مزمور 143 | مزمور 144 | مزمور 145 | مزمور 146 | مزمور 147 | مزمور 148 | مزمور 149 | مزمور 150 | مزمور 151 | ملخص عام لسفر المزامير

نص سفر مزمور: مزمور 1 | مزمور 2 | مزمور 3 | مزمور 4 | مزمور 5 | مزمور 6 | مزمور 7 | مزمور 8 | مزمور 9 | مزمور 10 | مزمور 11 | مزمور 12 | مزمور 13 | مزمور 14 | مزمور 15 | مزمور 16 | مزمور 17 | مزمور 18 | مزمور 19 | مزمور 20 | مزمور 21 | مزمور 22 | مزمور 23 | مزمور 24 | مزمور 25 | مزمور 26 | مزمور 27 | مزمور 28 | مزمور 29 | مزمور 30 | مزمور 31 | مزمور 32 | مزمور 33 | مزمور 34 | مزمور 35 | مزمور 36 | مزمور 37 | مزمور 38 | مزمور 39 | مزمور 40 | مزمور 41 | مزمور 42 | مزمور 43 | مزمور 44 | مزمور 45 | مزمور 46 | مزمور 47 | مزمور 48 | مزمور 49 | مزمور 50 | مزمور 51 | مزمور 52 | مزمور 53 | مزمور 54 | مزمور 55 | مزمور 56 | مزمور 57 | مزمور 58 | مزمور 59 | مزمور 60 | مزمور 61 | مزمور 62 | مزمور 63 | مزمور 64 | مزمور 65 | مزمور 66 | مزمور 67 | مزمور 68 | مزمور 69 | مزمور 70 | مزمور 71 | مزمور 72 | مزمور 73 | مزمور 74 | مزمور 75 | مزمور 76 | مزمور 77 | مزمور 78 | مزمور 79 | مزمور 80 | مزمور 81 | مزمور 82 | مزمور 83 | مزمور 84 | مزمور 85 | مزمور 86 | مزمور 87 | مزمور 88 | مزمور 89 | مزمور 90 | مزمور 91 | مزمور 92 | مزمور 93 | مزمور 94 | مزمور 95 | مزمور 96 | مزمور 97 | مزمور 98 | مزمور 99 | مزمور 100 | مزمور 101 | مزمور 102 | مزمور 103 | مزمور 104 | مزمور 105 | مزمور 106 | مزمور 107 | مزمور 108 | مزمور 109 | مزمور 110 | مزمور 111 | مزمور 112 | مزمور 113 | مزمور 114 | مزمور 115 | مزمور 116 | مزمور 117 | مزمور 118 | مزمور 119 | مزمور 120 | مزمور 121 | مزمور 122 | مزمور 123 | مزمور 124 | مزمور 125 | مزمور 126 | مزمور 127 | مزمور 128 | مزمور 129 | مزمور 130 | مزمور 131 | مزمور 132 | مزمور 133 | مزمور 134 | مزمور 135 | مزمور 136 | مزمور 137 | مزمور 138 | مزمور 139 | مزمور 140 | مزمور 141 | مزمور 142 | مزمور 143 | مزمور 144 | مزمور 145 | مزمور 146 | مزمور 147 | مزمور 148 | مزمور 149 | مزمور 150 | مزمور 151 | المزامير كامل

الكتاب المقدس المسموع: استمع لهذا الأصحاح

← اذهب مباشرةً لتفسير الآية: 113 - 114 - 115 - 116 - 117 - 118 - 119 - 120

St-Takla.org                     Divider of Saint TaklaHaymanot's website فاصل - موقع الأنبا تكلاهيمانوت

قطعة (س) النفس التي تكره الخطية

 

آية (113): "المتقلبين أبغضت وشريعتك أحببت."

الْمُتَقَلِّبِينَ أَبْغَضْتُ = "لمتجاوزي الناموس أبغضت" (سبعينية) فهو لم يبغض أعداؤه كشاول وغيره، ولكن أبغض من هو ضد الله، ويسبب عثرات للأبرياء. المتقلبين = هؤلاء تجدهم يوما مع الله ويوما آخر مع المخالفين للناموس . ويمكن فهم كلمة أَبْغَضْتُ بمعنى رفضت طرقهم. والسيد المسيح طلب أن نبغض أقرباؤنا بالجسد لكي نحب الله، ومفهوم ذلك أن لا يعطلوننا عن محبتنا لله، وأن نحب الله أكثر منهم لذلك يقول المرنم وَشَرِيعَتَكَ أَحْبَبْتُ. أما الترجمة الإنجليزية فأوردت الآية "أبغضت الأفكار الباطلة" أي كل فكر وكل شهوة تعطلني عن حب الله فأنا أبغضها. ونلاحظ أن الأفكار الباطلة هي أول خطوة في طرق الخطية والانفصال عن الله ، لذلك هو يبغضها فالخطية ستسبب فقدانه لحالة الفرح وتفصله عن الله. يجب علينا أن نطلب السند الإلهي حقا، ولكن علينا أن لا نضع أنفسنا مع الأشرار والذين تأتى منهم العثرات.

 

آية (114): "ستري ومجني أنت. كلامك انتظرت."

كما احتمى داود بالله من شاول وإبشالوم، هو يحتمي به من أفكاره وشهواته.

كلامك إنتظرت = "وعلى كلامك توكلت" (سبعينية). في وسط الضيقة وقبل أن يتدخل الله وينقذه منها، تعلم داود أن ينظر لوعود الرب بالحماية فيهدأ. ونحن لنا وعود بالحماية عبر الكتاب المقدس فلنضعها أمام أعيننا وسط الضيقة فلا نفشل ولا نيأس.

 

الآيات (115-117): "انصرفوا عني أيها الأشرار فاحفظ وصايا الهي. أعضدني حسب قولك فأحيا ولا تخزني من رجائي. اسندني فاخلص وأراعي فرائضك دائما."

طلب السند الإلهي في جهاده الروحي ضد خطاياه وشهواته فرجاؤه هو الله. وقارن مع الآية السابقة فنجد أن من ضمن هؤلاء الأشرار هم من يدفعونه لليأس من مراحم الله، كما قال عن هؤلاء في المزمور الثالث "يا رب لماذا كثر الذين يحزنوننى ... يقولون لنفسى ليس له خلاص بإلهه"

 

الآيات (118، 119): "احتقرت كل الضالين عن فرائضك لأن مكرهم باطل. كزغل عزلت كل أشرار الأرض. لذلك أحببت شهاداتك."

المعاشرات الردية تفسد الأخلاق الحسنة، فالمرنم يرفض صحبة الأشرار حتى لا يتأثر بأفكارهم الباطلة، وعوضًا عن الصحبة الرديئة التصق بشهادات الله. وحسب الأشرار كزغل= هو الناشئ عن صهر المعادن، والزغل هو الصدأ والخبث والشوائب التي ترمى كشيء لا قيمة له، بعد أن يتم تصفية المعدن نفسه. (انظر المزيد عن هذا الموضوع هنا في موقع الأنبا تكلا في أقسام المقالات والتفاسير الأخرى). ولأنه ابتعد عن الأشرار وانفصل عنهم اكتشف لذة الوصية = لذلك احببت شهاداتك .

 

آية (120): "قد اقشعر لحمي من رعبك ومن أحكامك جزعت."

في السبعينية " سمر خوفك في لحمي" فما يساعد على حفظ الوصايا أن نذكر يوم الدينونة وعقاب الأشرار.

إذاً لكي نستمر في طريق الله علينا 1) نصلى ونطلب السند الإلهي 2) نتحاشى طرق الأشرار 3) نذكر دائما يوم الدينونة.

St-Takla.org                     Divider فاصل - موقع الأنبا تكلاهيمانوت

← تفاسير أصحاحات مزامير: مقدمة | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | 21 | 22 | 23 | 24 | 25 | 26 | 27 | 28 | 29 | 30 | 31 | 32 | 33 | 34 | 35 | 36 | 37 | 38 | 39 | 40 | 41 | 42 | 43 | 44 | 45 | 46 | 47 | 48 | 49 | 50 | 51 | 52 | 53 | 54 | 55 | 56 | 57 | 58 | 59 | 60 | 61 | 62 | 63 | 64 | 65 | 66 | 67 | 68 | 69 | 70 | 71 | 72 | 73 | 74 | 75 | 76 | 77 | 78 | 79 | 80 | 81 | 82 | 83 | 84 | 85 | 86 | 87 | 88 | 89 | 90 | 91 | 92 | 93 | 94 | 95 | 96 | 97 | 98 | 99 | 100 | 101 | 102 | 103 | 104 | 105 | 106 | 107 | 108 | 109 | 110 | 111 | 112 | 113 | 114 | 115 | 116 | 117 | 118 | 119 | 120 | 121 | 122 | 123 | 124 | 125 | 126 | 127 | 128 | 129 | 130 | 131 | 132 | 133 | 134 | 135 | 136 | 137 | 138 | 139 | 140 | 141 | 142 | 143 | 144 | 145 | 146 | 147 | 148 | 149 | 150 | 151

الكتاب المقدس المسموع: استمع لهذا الأصحاح


© st-takla.org موقع الأنبا تكلا هيمانوت: بوابة عامة عن عقيدة الكنيسة القبطية الأرثوذكسية، مصر / إيميل:

الكتاب المقدس: بحث، تفاسير | القراءات اليومية | الأجبية | أسئلة | طقس | عقيدة | تاريخ | كتب | شخصيات | كنائس | أديرة | كلمات ترانيم | ميديا | صور | مواقع | اتصل بنا

https://st-takla.org/pub_Bible-Interpretations/Holy-Bible-Tafsir-01-Old-Testament/Father-Antonious-Fekry/21-Sefr-El-Mazameer/Tafseer-Sefr-El-Mazamir__01-Chapter-119-15.html